Friday, 29 July 2016

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं ले रहे आर्टिफिशल स्वीटनर?


व्यस्त जीवनशैली और अनियमित खानपान के चलते अक्सर लोग यह सोच पर सप्लमेंट लेते हैं ताकि उनके शरीर में प्रोटीन की मात्रा कम ना हो। लेकिन कई बार हम लोग जानकारी के अभाव में गलत चीजों का चयन कर लेते हैं। क्या आप जानते हैं कि आजकल मार्किट में बिजनेस को लेकर इतनी होड़ है कि व्यापारी टेस्ट बढ़ाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं कतराते हैं?

 क्या आप जानते हैं आजकल बाजार में लगभग आधे से ज्यादा ऐसे सप्लीमेंट और स्वीटनर मिल रहे हैं जिनमें सिर्फ कैमिकल और आर्टिफिशल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है? अगर आप अब यह सोच रहे हैं कि यह खबर आपके लिए नहीं है क्योंकि आप तो हमेशा ब्रेंडिड उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी गलतफहमी है। क्योंकि मिलावट सिर्फ रोड छाप या नकली चीजों के साथ ही नहीं बल्कि कई बार ब्रेंडिड चीजों में भी देखने को मि​लती है। बस फर्क यह होता है इसे हम लोग मानते नहीं हैं।


क्या है इनके दुष्प्रभाव
आर्टिफिशल स्वीटनर को डॉक्टरों की भाषा में सफेद जहर कहा जाता है। जिसके चलते सेहत बनाने के नाम पर ऐसे सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने पर हम या हमारे बच्चे ना सिर्फ बाहरी तौर से बीमार पड़ते हैं बल्कि ऐसे सप्लीमेंट हमारी आंते और लीवर तक को खोखला कर देते हैं।

प्रोटीओमेगा है सही विकल्प
अगर आप समय पर खाना खा पाने में अक्सर असमर्थ रहते हैं तो इस स्थिति में बहुत़ जरूरी है कि आप अलग से प्रोटीन लें। Dr.G wellness के प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट आपकी इस समस्या का हल है। यह एक ऐसा सप्लीमेंट है जिसमें प्रोटीन के साथ ही ओमेगा- 3, ओमेगा- 6, आयरन, कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई पोषक तत्व भी मौजूद हैं। यह सप्लीमेंट ऐसे प्राकृतिक तत्वों का मिश्रण है जो आपके लीवर को मजबूत करने के साथ ही आपके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।


प्रोटीओमेगा की खासियत यह है कि यह सभी साइंटिफिक लैब द्वारा प्रमाणित है कि इसमें किसी भी तरह के कैमिकल का प्रयोग नहीं किया गया है। प्रोटीओमेेगा को पानी, दूध या फिर किसी भी शेक्स के साथ मिलाकर लिया जाता है। सिर्फ 5 मिनट में प्रोटीओमेगा का सेवन पर आप अपने लीवर सहित पूरे शरीर को उम्रभर के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।

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