Tuesday, 12 July 2016

इस तरह आपको घेर सकता है ये 'जानलेवा मानसून'


इन दिनों चल रहे मानसून के मौसम में जहां एक ओर हमें चिल्लाती गर्मी से राहत मिल रही है वहीं दूसरी ओर यही मानसून कई मायनों में जानलेवा भी साबित हो सकता है। आप खुद अपने आसपास के वातावरण में देख सकते हैं कि मौसम बदलने के चलते लोग किस तरह बिमारियों से घिरे हुए हैं। देखा जाए तो इस स्थिति के जिम्मेदार कहीं ना कहीं हम लोग खुद ही हैं।

हालांकि आप लोगों का ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। मानसून के मौसम में हम लोगों को सिर्फ दो चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है और वह है हमारा खानपान और साफ सफाई। अगर इन दोनों चीजों का चयन कोई गंभीरता के साथ करें तो हम दावे के साथ कह सकते हैं कि मानसून उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। वहीं अगर इन दोनों को नजरअंदाज किया गया तो व्यक्ति निम्मलिखित ​बिमारियों से जूूझ सकता है।


1.) मानसून के मौसम में सबसे ज्यादा वायरल बुखार होता है। इसलिए गर्मी के बाद एकदम ना तो एसी (Air conditioner) के सामने बैठें और ना ही जल्दी से ठंडी चीजें खाएं। इससे बुखार होने की संभावना ज्यादा रहती है।

2.) बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव रहता है। जिसके चलते मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। बारिश के पानी में सबसे ज्यादा प्रोटोजोआ एनोफिलेज मादा पनपता है। जिससे मलेरिया होने का खतरा रहता है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है। इसलिए सफाई रखें और सतर्क रहें।

3.) बरसात के मौसम में हैजा काफी तेजी से फैलता है। इसलिए बासी खाना और गंदे पानी को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। ताजा खाना खाएं और पानी का उबाल कर या फिल्टर कर के पीएं। हैजा इसलिए भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसमें लगातार उल्टियां और दस्त होते हैं।

4.) मानसून के मौसम में टाइफाइड होने की काफी संभावना रहती है। यह साल्मोनेला इंटेरिका नामक बैक्टीरिया यानी जीवाणु से फैलता है। इस बीमारी में बुखार का कम-तेज होना लगा रहता है। टाइफाइड नामक बीमारी अगर अपनी चरम पर पहुंच जाए तो शरीर के सारे खून को पानी में बदल देती है।

5.) इस जानलेवा मानसून में त्वचा में एलर्जी होने का रोग भी काफी फैलता है। जिससे कई बार चेहरे सहित पूरे शरीर में दाग-धब्बे रह जाते हैं। इसलिए सावधान रहें।

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