Saturday, 16 July 2016

सावधान! युवाओं समेत 99% लोग हैं इस ​बीमारी के शिकार

नकारात्मकता मानव प्रकृति के लिए एक ऐसा अभिश्राप है जिसका दामन अगर वो एक बार थाम लें तो ना चाहते हुए भी कभी जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता है। यह भी सच है कि जब भी कोई व्यक्ति कुछ नकारात्मक सोचता है तो उसकी चेतना शक्ति को यह आभास होता है कि यह गलत है। बावजूद इसके नकारात्मक विचार मानव प्राणी पर हावी होते हैं। ऐसे व्यक्ति हर अच्छे काम में कुछ ना कुछ कमियां निकालने की कोशिश करते हैं। जिसके चलते एक ऐसी स्टेज आती है जब वह व्यक्ति कई तरह के रोगों से घिर जाता है।

क्यों आते हैं नकारात्मक विचार ?
आज के समय में इतनी प्रतिस्पर्धा हो गई है कि हर व्यक्ति खुद को श्रेष्ठ साबित करना चाहता है। खासतौर से युवा वर्ग। लेकिन जब तमाम जद्दोजहद के बावजूद ऐसा नहीं हो पाता तो वह सामने वाले से ईर्ष्या करने लगता है और यही से उसके जहन में नकारात्मक विचारों का उदय होता है।

जब नकारात्मक विचारों से व्यक्ति का मानसिक घड़ा भर जाता है तो वह कई तरह की बुरी चीजों से घिर जाता है। जैसे  दूसरों की बुराई करना, किसी के अच्छे काम को भी बुरा बताना, किसी को आगे बढ़ता हुआ देख घबराहट होना और सबके बारे में नकारात्मक बातें करने लगता है। जब यह सीमा भी पार हो जाती है तो व्यक्ति जानलेवा डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। मनोविज्ञान के मुताबिक आज के समय में 90 प्रतिशत युवा नकारात्मक सोच के शिकार हैं।

कैसे बचें इनसे ?
अगर देखा जाए तो मानव इस प्रकृति का सबसे शक्तिशाली जीव है और सबसे कमजोर भी। शक्तिशाली इसलिए है क्योंकि अगर मानव कुछ ठान ले तो वह उसे मुमकिन कर सकता है। क्योंकि उसके पास चेतना शक्ति है। और कमजोर इसलिए है क्योंकि अगर एक बार उसने अपने लिए कुछ गलत मान्यताएं बना ली या एक संकुचित घेरे में खुद को ढाल लिया तो वह खुद का ही शत्रु बन जाता है। इसलिए नकारात्मकता का अंत सकारात्मकता है। आइए आपको बताते हैं कि नकारात्मक सोच से किस तरह बचा जा सकता है।

- हमेशा सकारात्मक सोचें।
- सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है।
- बुरा और नेगेटिव सोचने वाले लोगों से हमेशा दूर रहें।
- जब भी कोई आपके बारे में गंदी सोच रखता है तो उसे नजरअंदाज करें और अपना बेस्ट दें।
- झूठे आडम्बरों और ढोंग पर विश्वास ना करें।
- अपने अतीत को कभी वर्तमान पर हावी ना होने दें।
- यह सोचिए कि इस संसार में इंसान के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है।
- अगर कोई आपके बारे में पीठ पीछे बुराई करता है तो उससे घबराइए मत। बल्कि उसे नजरअंदाज करें।

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