Tuesday, 26 July 2016

प्रोटीन के बहकावे में 'नकली' सब्जियों से रहें सावधान


आज के हाईटैक भरे दौर में अब फलों और सब्जियों से प्रोटीन प्राप्त करने की उम्मीद रखना भी बेवकूफी है। क्यों? क्योंकि बाजारों में हरी-भरी और ताजा दिखने वाली सब्जियां या फल असल में प्राकृतिक नहीं बल्कि इन्हें जल्दी पकाने और अच्छा दिखाने के लिए इनके साथ कैमिकल इंजेक्शनों से छेड़छाड़ की जाती है।

अभी तक हम लोग सिर्फ मावे में शक्कर, बेसन में मटर का भूसा और घी में डालडा जैसे उदाहरण ही सुनते आए हैं। लेकिन यह 100 प्रतिशत सही है कि अब फलों और सब्जियों में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का इंजेक्शन लगा कर इन्हें रातों रात आकार में बड़ा किया जाता है। हम सब देखते हैं कि बाजारों में बिना सीजन वाले फल भी काफी फ्रैश हालत में पेश किए जाते हैं। खासतौर से बेमौसमी फल, सब्जी और चटक रंग के दिखने वाले उत्पादों के साथ ऑक्सीटोसिन हार्मोन के इंजेक्शन से छेड़छाड़ की जाती है। वैसे अगर असल में देखा जाए तो यह मिलावट सब्जी या फलों के साथ नहीं बल्कि हमारी सेहत के साथ हो रही है।


ऐसे होते हैं हम बीमार
​कैमिकलों से पैदा किए हुए फल और सब्जी को हमारा लीवर जल्दी से पचा नहीं पाता है। डीडीटी और बीएचसी जैसे कीटनाशक को भी लीवर जल्दी से नहीं तोड़ पाता है। जिसके बाद ये शरीर में जमा होने लगते हैं और यहीं से पाचन तंत्र व अन्य बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।


प्रोटीओमेगा से ग्रहण करें प्रोटीन
हम आपसे दावे के साथ कहते हैं कि Dr.G wellness का प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट ऐसे प्राकृतिक पोषक तत्वों से बना हुआ है जिसका नियमित सेवन करने से आपको आर्टिफिशियल ​सब्जी या फलों का सेवन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और ओमेगा-3, ओमेगा-6 होने के साथ ही कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर, फैट, एनर्जी के साथ ही कई अन्य पोषक तत्व शामिल हैं। इन सभी तत्वों का आज के भागदौड़ भरे दौर में सेवन करना बेहद जरूरी है। इसलिए हम आपको यही सलाह देंगे कि प्रोटीन के फेर में आर्टिफिशियल सब्जी या फलों का सेवन करने से बचें और प्रोटीओमेगा का पानी, दूध या फिर किसी भी शेक्स के साथ नियमित रूप से सेवन करें। 

0 comments:

Post a Comment