Wednesday, 10 August 2016

बच्चों के लिए दूध और प्रोटीओमेगा की जोड़ी है शानदार


आजकल बच्चे दूध के स्वाद को बेकार कहकर इसे पीने से बचते हैं। जबकि दूध एक अकेला ऐसा पदार्थ है जिसमें प्रोटीन की भारी मात्रा मौजूद होती है। ऐसी स्थिति में अभिभावक दूध के पौष्टिक तत्वों को बच्चों तक पहुंचाने के लिए बाजारों से तरह-तरह के सप्लीमेंट्स खरीद कर लाते हैं, ताकि उन्हें दूध में मिलाकर बच्चों को दिया जा सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजारों में मिलने वाले ज्यादातर सप्लीमेंट्स में प्रोटीन तो होता है लेकिन वह बच्चों में विकास की दर को बढ़ाने में कामयाब साबित नहीं हो पाता? ऐसे में परिजनों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है कि वह प्रोटीन के लिए आखिर अपने बच्चों को क्या दें।

आज के भागदौड़ भरे समय में बच्चों में अनियमित खानपान का प्रभाव रहता है। ऐसे में आप अपने बच्चों की बेहतर ग्रोथ और उनके सम्पूर्ण विकास के लिए किसी अच्छे हेल्थ सप्लीमेंट का प्रयोग कर सकते हैं। Dr.G wellness का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट प्रोटीओमेगा आपकी इस समस्या का हल साबित हो सकता है। प्रोटीओमेगा एक ऐसा हेल्दी सप्लीमेंट है जो बच्चों में शारीरिक के साथ-साथ मानसिक ग्रोथ करने में भी मददगार है।


क्यों खास है प्रोटीओमेगा

1) प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर और फैट के साथ ही कई ऐसे पौष्टिक तत्व हैं जिसके नियमित सेवन से बच्चों को अतिरिक्त एनर्जी मिलती है।

2) प्रोटीओमेगा में बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए वनिला बीन्स से नेचुरल वनिला फ्लेवर को लिया गया है। जिससे इस हेल्थ सप्लीमेंट का स्वाद काफी अच्छा बना है।

3) इसमें आर्टिफिशल स्वीटनर के बजाय स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर लिया है।

4) इस आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट में न्यूजीलेंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाया जाने वाले वाला (Whey) प्रोटीन है।

5) प्रोटीओमेगा के 20 ग्राम के पाउच में 10.87 यानि कि आधे से ज्यादा मात्रा प्रोटीन की है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड को चिया के बीजों से लिया गया है। जो पूरी तरह नेचुरल हैं।

6) प्रोटीओमेगा को पेट की बीमारी से जुड़े मरीज और लेक्टोस इन्टालरेंट के लोग भी ले सकते हैं। इस हेल्थ सप्लीमेंट से पेट फूलना, गैस, गंदी डकारें आना और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का बिल्कुल भी खतरा नहीं है।

7) प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है।

विशेष— ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे या आप थोड़े बहुत भी मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी जैसे फलों की स्मूदी और पानी के साथ लें। वहीं, अगर आप कम वजन या थोड़ा कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या फिर किसी भी शेक के साथ मिलाकर ले सकते हैं।

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